मुख्यमंत्री धामी की विधानसभा चंपावत में विकास पर नहीं, अफवाहों पर लगेगा विराम

चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “आदर्श चंपावत–विकसित चंपावत” विजन को साकार करने के लिए तैयार किए जा रहे मास्टर प्लान-2041 को लेकर फैली अफवाहों और आशंकाओं पर जिला प्रशासन ने बड़ा स्पष्टीकरण दिया है। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने साफ कहा कि मास्टर प्लान का मौजूदा स्वरूप सिर्फ एक ड्राफ्ट है, अंतिम फैसला जनता की राय के बाद ही लिया जाएगा। किसी भी नागरिक के हितों की अनदेखी नहीं होगी।
डीएम ने कहा कि कुछ लोग यह भ्रम फैला रहे हैं कि मास्टर प्लान लागू होने के बाद निर्माण कार्यों पर रोक लग जाएगी या कृषि भूमि पर मकान नहीं बन सकेंगे, जबकि ऐसी बातें पूरी तरह भ्रामक हैं। लोगों से अपील है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और अपनी शंकाएं सीधे प्रशासन के सामने रखें।
उन्होंने बताया कि मास्टर प्लान का प्रारूप देश की प्रतिष्ठित संस्था स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए), नई दिल्ली ने तैयार किया है। इसका उद्देश्य चंपावत को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप योजनाबद्ध, सुरक्षित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करना है। सड़क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विस्तार इसी योजना के तहत वैज्ञानिक तरीके से किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि मास्टर प्लान आपदा संभावित क्षेत्रों में सुरक्षित विकास सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यदि किसी नागरिक को किसी बिंदु पर आपत्ति, सुझाव या शंका है तो 30 जुलाई 2026 तक जिला मुख्यालय, संबंधित तहसील या विकासखंड कार्यालय में लिखित रूप से अपना पक्ष दर्ज करा सकता है। प्राप्त सभी सुझावों और आपत्तियों का गंभीरता से परीक्षण किया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रारूप में संशोधन भी किया जाएगा।
डीएम मनीष कुमार ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि “आदर्श चंपावत–विकसित चंपावत” का सपना जनसहभागिता से ही साकार होगा। प्रशासन हर नागरिक की बात सुनेगा और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि भ्रामक सूचनाओं से बचें और विकास की इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में अपनी सकारात्मक भागीदारी सुनिश्चित करें।
